सनबर्न का अर्थ क्या होता है?HealthPlanet

Posted on Thu 1st Dec 2022 : 11:02

त्वचा शरीर का सबसे बड़ा अंग है, जो सूरज की किरणों के संपर्क में आता है. सूर्य की पराबैंगनी किरणें त्वचा में प्रवेश करती हैं और त्वचा में मेलेनिन के निर्माण में मदद करती हैं. मेलेनिन रंगों का वह द्रव्य है जो त्वचा को कालापन देता है. शरीर में मेलेनिन की अधिक मात्रा त्वचा को काला करती है. सूरज के विकिरण के संपर्क में आने से भी शरीर को विटामिन डी और गर्मी पैदा करने में मदद मिलती है.

जब शरीर बहुत अधिक पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आता है, तो यह सनबर्न नामक स्थिति का कारण बनता है.पराबैंगनी किरणों के कारण जलन तब भी होती है जब शरीर पराबैंगनी किरणों के अन्य स्रोतों जैसे फोटोथेरेपी लैंप, आर्क लैंप और टैनिंग बेड के संपर्क में आ जाता है.

लगभग सभी उम्र, जाति और लिंग के लोग सनबर्न की स्थिति में आ सकते हैं. सभी मौसमों में जब सूरज की किरणे कम होती हैं तब भी यह स्थिति हो सकती है. भूमध्य रेखा की ओर और अधिक ऊंचाई पर रहने वाले लोगों की संख्या इस स्थिति से पीड़ित होने के अधिक रिस्क पर रहती हैं.

काले चमड़ी वाले की तुलना में हल्का चमड़ी वाले लोगों को अधिक रिस्क होता है. माइल्ड फर्स्ट-डिग्री बर्न सनबर्न के कारण होता है. जब स्थिति गंभीर होती है तो दूसरी डिग्री का जलन और संक्रमण डिहाइड्रेशन हो सकता है. यह ज्यादातर बाहरी काम-काज के कारण सूरज के संपर्क में आने से होता है. पराबैंगनी किरणें कपड़ों से होकर त्वचा तक पहुंचती हैं. यह तब भी त्वचा तक पहुँच सकते हैं जब कपड़े गीले हों.

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